DNA क्या है और ये टेस्ट कहाँ होता है?

हम अक्सर जब फिल्में या फिर समाचार देखते हैं तो हमें डीएनए के बारे में सुनने को मिलता है लेकिन क्या कभी आपने यह जानने की कोशिश की है कि आखिर यह डीएनए क्या है (What is DNA in Hindi) और इस की खोज किसने की.

वैसे बहुत सारे लोग हैं जो इसके नाम को तो सुनते हैं लेकिन बहुत कम लोग ऐसे हैं जिन्हें डीएनए के बारे में जानकारी (knowledge of DNA in Hindi) होती है.

यही वजह है कि आज मेरे दिमाग में यह ख्याल आया कि क्यों ना आप सभी को आसान शब्दों में बताया जाए कि आखिर डीएनए क्या होता है और डीएनए स्ट्रक्चर का मतलब क्या है.  तो चलिए बिना देरी किए हुए शुरू करते हैं और जानते हैं कि डीएनए क्या होता है (What is DNA in Hindi) और इस का फुल फॉर्म क्या है.

डीएनए क्या है  – What is DNA in Hindi?

Dna kya hai hindi

डीएनए एक मॉलिक्यूल होता है जिसमें किसी भी इंसान और लगभग सभी प्राणी का जेनेटिक कोड मौजूद होता है. डीएनए जानवरों, पौधों, प्रोटिस्ट, आरकीया और बैक्टीरिया में भी मौजूद होता है. डीएनए हर जीव के प्रत्येक कोशिका में होता है और यही निर्धारित करता है कि कोशिका क्या प्रोटीन बनाएंगे.

कोशिका द्वारा बनाया जाने वाले प्रोटीन में एंजाइम अधिकतम मात्रा में बनाए जाते हैं. यही वजह है कि माता पिता के कई लक्षण बच्चों में होते हैं जैसे, स्किन का कलर, बालों का स्टाइल और आंखों का कलर.

किसी भी इंसान की जो डीएनए होती है वह उसके मां-बाप के डीएनए के मिश्रण से बना हुआ होता है. बहुत सारे ऐसे लोग भी होते हैं जो यह जानने की कोशिश करते हैं कि डीएनए क्या होता है . जिसका जवाब देने के लिए ही हमने इस पोस्ट को तैयार किया है तो आप इस पोस्ट को पढ़कर डीएनए से जुड़ी हर जानकारी हासिल कर सकते हैं.

आपको फिर यह भी समझ में आ जाएगा कि डीएनए किसमें पाया जाता है यानी कि शरीर के कौन-कौन से हिस्से हैं जहां से की डीएनए का सैंपल के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है.

डीएनए एक लंबा अणु है जिसमें हमारा unique Genetic कोड होता है. एक रेसिपी बुक की तरह यह हमारे शरीर में सभी प्रोटीन बनाने के निर्देश रखता है. डीएनए में चार बुनियादी बिल्डिंग ब्लॉक या आधार होते हैं.

  1. adenine (A),
  2. cytosine (C),
  3. guanine (G) और
  4. thymine (T).

इन bases का जो ऑर्डर या फिर सीक्वेंस होता है वह genome का निर्माण करता है.

जब कभी हम फिल्मों को देखते हैं तो उसमें किसी प्रकार के मामले की जांच होती है तो डीएनए का सहारा लिया जाता है. डीएनए के जरिए बहुत सारी चीजों के बारे में पता लगाया जाता है. यानी कि यह एक ऐसा तत्व होता है जो विश्लेषण करते वक्त सटीक जवाब देने में माहिर होता है.

अगर किसी इंसान का एक बूंद खून भी मिल जाए तो उससे डीएनए के स्ट्रक्चर को पता लगाया जा सकता है और उसका सटीक जवाब मिल सकता है, आखिर यह इंसान कौन है यहां तक कि उसके पूरे खानदान के बारे में पता लगाया जा सकता है.

आजकल किसी भी प्रकार के मामले की जांच करने में डीएनए टेस्ट काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. खासकर फॉरेंसिक विज्ञान में इसका इस्तेमाल काफी बढ़ चुका है. इससे वैज्ञानिकों को भी अपने प्रयोग करने में काफी मदद मिलती है.

डीएनए स्ट्रक्चर जो है वह हर जीव का अलग अलग होता है लेकिन जब एक वंश के जीव होते हैं उनका डीएनए मिलता है जिससे पता लग जाता है कि जीव के मां बाप कौन है.

DNA का फुल फॉर्म  – Full Form of DNA

DeOxyribonucleic Acid

डीएनए फुल फॉर्म इन हिंदी

डिऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल

RNA का फुल फॉर्म – RNA Full Form in Hindi

Ribonucleic Acid

आरएनए फुल फॉर्म इन हिंदी

राइबोज़ न्यूक्लिक अम्ल

वैसे तो आज विज्ञान इतना विकसित हो चुका है कि मेडिकल के क्षेत्र में भी एक से एक नए आविष्कार किए जा रहे हैं. लेकिन जब से डीएनए के बारे में खोज की गई है तब से बहुत सारी चीजें सरल हो चुकी हैं. यह किसी भी शरीर के बनावट के मूल सिद्धांत को समझने में काफी मदद करता है.

स्कूल और कॉलेज में भी जो बच्चे जीव विज्ञान की पढ़ाई करते हैं उन्हें डीएनए के बारे में अच्छे से जानकारी दी जाती है. इसका टेस्ट कब और कैसे किया जाता है इस बात को भी जानने की इच्छा कई लोग रखते हैं और इसी जानकारी को ढूंढने के लिए इस पोस्ट तक पहुंचे हैं तो उनको बहुत हद तक इसके बारे में समझ आ जाएगी.

डीएनए का स्ट्रक्चर –  DNA Structure

डीएनए न्यूक्लियोटाइड्स नामक अणुओं से बना होता है. हर एक न्यूक्लियोटाइड में एक फॉस्फेट ग्रुप, एक शुगर ग्रुप और एक नाइट्रोजन बेस होता है.

नाइट्रोजन बेस के चार प्रकार एडेनिन (ए), थाइमिन (टी), गुआनिन (जी) और साइटोसिन (सी) हैं. इन बेस का ऑर्डर डीएनए के इंस्ट्रक्शन या जेनेटिक कोड को निर्धारित करता है.

यू.एस. नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (एनएलएम) के अनुसार, मानव डीएनए में लगभग 3 बिलियन बेस होते हैं, और 99 प्रतिशत से अधिक बेस सभी लोगों में समान हैं.

जिस तरह अल्फाबेट में अक्षर के आर्डर का प्रयोग करके शब्द बनाने के लिए किया जा सकता है, डीएनए सीक्वेंस में नाइट्रोजन के बेस का ऑर्डर जीन बनाता है. जो सेल की भाषा में कोशिकाओं को प्रोटीन बनाने के तरीके बताता है.

एक दूसरे प्रकार का न्यूक्लिक एसिड राइबो न्यूक्लिक एसिड या आरएनए, डीएनए से प्रोटीन में जेनेटिक जानकारी का अनुवाद करता है.

निकलो टाइड डबल हेलिक्स नाम का स्ट्रक्चर बनाने के लिए दो लंबे स्ट्रैंड के रूप में एक दूसरे के साथ स्पाइरल बनाते हैं. अगर आपको यह डबल हेलिक्स स्ट्रक्चर एक सीढी के जैसा लगता है तो फास्फेट और शुगर के अणु उसके साइड के रूप में होंगे. जबकि बेस उनके rung होंगे.

एक स्ट्रैंड के बेस दूसरे स्टैंड के साथ पेयर बनाते हैं. थाइमाइन के साथ एडेनिन पेयर बनाता है जबकि साइटोसिन के साथ guanine पेयर बनाता है.

डीएनए अणु लंबे होते हैं, इतने लंबे, वास्तव में, कि वे सही पैकेजिंग के बिना कोशिकाओं में फिट नहीं हो सकते हैं. कोशिकाओं के अंदर फिट होने के लिए, डीएनए को संरचनाओं को कसकर कुंडलित किया जाता है जिसे हम क्रोमोसोम कहते हैं.

प्रत्येक गुणसूत्र में एक एकल डीएनए अणु होता है. मनुष्य के 23 जोड़े गुणसूत्र होते हैं, जो कोशिका के नाभिक के अंदर पाए जाते हैं.

डीएनए के प्रकार – Types of DNA in Hindi

  • एडेनिन
  • थाइमिन
  • गुआनिन
  • साइटोसिन

डीएनए की खोज किसने की – Who Discovered DNA

सन 1950 ईस्वी में डीएनए की खोज अमेरिकन बायोलॉजिस्ट James Watson (जेम्स वाटसन) और इंग्लिश फिजिसिस्ट Francis Crick (फ्रांसिस क्रिक) ने किया था.  1869 ईस्वी में एक जर्मन बायोकेमिस्ट्स Frederich Miescher ने पहली बार इसके बारे में पता लगाया था. 

लेकिन कई सालों तक शोधकर्ताओं को इस अणु के महत्व का बिल्कुल भी एहसास नहीं हुआ. लेकिन यह मामला सिर्फ 1953 तक ही था जब तक कि जेम्स वाटसन, फ्रांसिस क्रिक, मॉरिस विलकिंस, और रोसलैंड फ्रैंकलीन ने डीएनए की संरचना का पता नहीं लगा लिया.

यह संरचना डबल हेलिक्स के रूप में थी जिसे उन्होंने महसूस किया कि वे एक जैविक जानकारी ले सकते हैं.

न्यूक्लिक एसिड की मॉलिक्यूलर स्ट्रक्चर (आणविक संरचना) जीवो के बीच में जानकारी की ट्रांसफर के लिए इसके महत्व के बारे में उनकी खोजों के लिए वाटसन क्रिक और विलकिंस को 1962 में मेडिकल के फील्ड में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

फ्रैंकलिन को पुरस्कार में शामिल नहीं किया गया था, हालांकि उनका काम अनुसंधान से अलग था.

वैसे तो लोगों के बीच में काफी मतभेद पाया जाता है कि इसकी खोज किन लोगों ने की है. हमने इसके बारे में भी आपको जानकारी देने की कोशिश की है कि वास्तविकता में पहली बार इसके बारे में जानकारी किसने दी थी और फिर इसकी मुख्य रूप से उपयोग के लायक खोज किसने की.

DNA sequencing क्या है?

डीएनए सीक्वेंसिंग एक ऐसी टेक्निक है जो शोधकर्ताओं को डीएनए ऑर्डर में बेस के क्रम को निर्धारित करने की अनुमति देता है. टेक्नोलॉजी का उपयोग जीन, गुणसूत्र या एक पूरे जेनोंम में बेस के ऑर्डर को निर्धारित करने के लिए किया जा सकता है.

राष्ट्रीय मानव जीनोम अनुसंधान संस्थान एक रिपोर्ट के अनुसार शोधकर्ताओं ने 2000 में मानव जीनोम का पहला पूरा सिक्वेंस कंप्लीट किया.

डीएनए क्या काम करता है – Function of DNA in Hindi

डीएनए सेल को बनाने और नियंत्रित करने के लिए आवश्यक जानकारी को स्टोर करके रखता है.

मां से बेटी, जानकारी का जो ट्रांसफर होता है जिसे हम जीन ट्रांसफर के रूप में भी जानते हैं यह डीएनए रिप्लिकेशन प्रोसेस के द्वारा होता है.

डीएनए रिप्लिकेशन तब होता है जब कोई सेल अपने डीएनए की डुप्लीकेट कॉपी बनाता है और सेल बट जाता है जिसके फल स्वरूप हर सेल में एक डीएनए कॉपी का सही डिस्ट्रीब्यूशन होता है.

सेल के लिए न्यूक्लियोसाइड और न्यूक्लियोटाइड के इस रूप में डीएनए को भी रासायनिक रूप से डिग्रेड और उपयोग किया जा सकता है. दूसरे मैक्रोमोलीक्यूल के विपरीत डीएनए कोशिकाओं में एक स्ट्रक्चरल रोल को नहीं निभाता है.

प्रोटीन के लिए कोडिंग – Coding for Proteins

डीएनए प्रोटीन के लिए कोड रखता है जो जटिल अणु होते हैं और जो हमारे शरीर के चारों तरफ भारी मात्रा में काम करते हैं. डीएनए में जानकारी शुरू में पढ़ी जाती है और फिर इसे एक मैसेंजर अणु में बदल दिया जाता है.

इसके बाद इस संदेश वाहक अनु में रखी गई जानकारी को एक भाषा में ट्रांसलेट किया जाता है जिसे शरीर समझ सकता है.

यह भाषा अमीनो एसिड में से एक है जिसे प्रोटीन के बिल्डिंग ब्लॉक के रूप में जाना जाता है. यह स्पेशल भाषा है जो यह बताती है कि अमीनो एसिड को एक स्पेशल प्रोटीन का उत्पादन कैसे करना चाहिए.

डीएनए की नकल –  DNA Replication

डीएनए रिप्लिकेशन कोशिका, उत्तक और, बॉडी सिस्टम के रिप्रोडक्शन से लेकर मेंटेनेंस और ग्रोथ तक के हर फंक्शन के लिए जरूरी होता है.

खुद को कॉपी करने के लिए एक डीएनए अणु अनिवार्य रूप से unzip करता है. डीएनए के मुख्य चार बेस होते हैं. न्यूक्लियोटाइड के सभी भाग स्पेशल होते हैं जिसमें एक शुगर और फास्फेट भी होता है. आपके शरीर की कोशिकाएं इसलिए रिप्लिकेट करते हैं ताकि अच्छा और ब्लड सेल बन सके.

जेनेटिक कोड – Genetic Code 

यह हमारे अनुवांशिक कोड के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है. यह आपके शरीर की सभी कोशिकाओं में जेनेटिक मैसेज ट्रांसफर करता है.

अगर आप एक प्रजनन से जुड़े क्रिया देने के बारे में सोचते हैं तो विचार करें कि आप की पहली कोशिका बनाने के लिए एक अंडे और शुक्राणु के जुड़ने से आपका पूरा अनुवांशिक कोड प्रदान होता है जो आपके शरीर का आपके जीवन भर उपयोग करेगा.

उससे पहले सेल के भीतर आपके आधे गुणसूत्र जिसे हम क्रोमोसोम कहते हैं जिसमें आपका डीएनए होता है आपके पिता से आया था और आधा आपकी मां से आया था.

डीएनए देखा जाए तो स्पष्ट रूप से इंसानी शरीर में काफी इंपॉर्टेंट रोल निभाता है और बीसवीं शताब्दी की सबसे इंपोर्टेंट खोजों में से एक है. हमारे डीएनए के काम का नॉलेज के बारे में और भी जानने में मदद करेगा.

डीएनए का महत्व – Importance of DNA in Hindi

आज के समय में मेडिकल सेक्टर में आप जाएंगे तो डीएनए की विशेषताओं के बारे में काफी कुछ जानने को मिलता है.

हमें तो ज्यादातर फिल्मों और टीवी पर दिखाए जाने वाले खबरें, समाचार पत्रों के द्वारा यह समझ में आता है कि डीएनए चमत्कारी रूप से मेडिकल साइंस को काफी मदद करता है. चलिए जानते हैं इसके कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में.

रोग निदान और उपचार – Disease Diagnosis and Treatment

डीएनए रिसर्च का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र जेनेटिक और मेडिकल रिसर्च है. डीएनए की हमारी खोज के कारण, वास्तव में जल्दी बीमारी का इलाज करने की हमारी क्षमता में काफी सुधार हुआ है.

इसके अलावा, हम विशेष रोगों के लिए किसी व्यक्ति की आनुवंशिक संवेदनशीलता के बारे में बेहतर आकलन करने में सक्षम हैं. ऐसा करने के लिए, हमने इन बीमारियों के इलाज के लिए एकदम नई दवाओं के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया है.

वास्तव में, ड्रग्स अनिवार्य रूप से एक व्यक्ति की व्यक्तिगत बायोकेमिस्ट्री और जेनेटिक मेकअप के लिए बिल्कुल नहीं दवाई बनाई जा सकती है.

उन बीमारियों के लिए जिन्हें पहले जानलेवा माना जाता था और जहां इलाज या तो मौजूद नहीं था या काफी हद तक असफल रहा था, डीएनए की खोज ने अनिवार्य रूप से गंभीर बीमारियों वाले रोगियों के लिए दवाओं और उपचार को आगे बढ़ाया है.

पितृत्व और कानूनी प्रभाव – Paternity and Legal Impact

हालांकि डीएनए की खोज ने दवा को सबसे अधिक प्रभावित किया है, लेकिन अन्य क्षेत्रों में इसका योगदान अभी भी उतना ही महत्वपूर्ण है. पितृत्व मामलों का दुनिया भर के परिवारों और बच्चों पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है.

डीएनए के आकलन के माध्यम से, बच्चे के पितृत्व को पहचाना जा सकता है, जिसका बच्चे के पालन-पोषण और उसके जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है.

फोरेंसिक और डी.एन.ए. – Forensics and DNA

फोरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में डीएनए काफी महत्वपूर्ण रहा है. डीएनए की खोज का मतलब है कि किसी अपराध की जांच करने वाले व्यक्ति का गिल्टी और निर्दोष इंसान के बीच का पता लगाया जा सकता है.

इसका यह भी अर्थ है कि किसी अपराध के अपराधी के बारे में छोटा सा छोटा सबूत अभी भी महत्वपूर्ण सुराग दे सकते हैं. यह भी महत्वपूर्ण है कि पीड़ितों की पहचान हो सकती है, खासकर उन मामलों में जहां पीड़ित की स्थिति परिवार या दोस्तों के लिए अपरिचित है.

इस अर्थ में, डीएनए फोरेंसिक विज्ञान के पूरे क्षेत्र में क्रांति लाने में महत्वपूर्ण रहा है. यह प्रभाव आपराधिक जस्टिस सिस्टम के भीतर महसूस किया जाता है और समाज की सटीक सुरक्षा में योगदान देता है.

कृषि और डी.एन.ए. – Agriculture and DNA

खेती पर डीएनए का प्रभाव बहुत महत्वपूर्ण रहा है क्योंकि इसने प्रजनकों को उन पशुओं के प्रजनन की सुविधा प्रदान की है जो रोगों के लिए बेहतर प्रतिरोधक क्षमता रखते है.

यह किसानों को अधिक पौष्टिक उत्पादन करने की भी अनुमति देता है, जिसका विकासशील देशों में विशेष रूप से महत्वपूर्ण परिणाम होता है, जहां आबादी छोटे खाद्य पदार्थों की एक छोटी श्रृंखला पर निर्भर करती है जिनकी विविधता बहुत कम होती है.

इसका मतलब है कि इन देशों में सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को दूर किया जा सकता है.

संक्षेप में

आज के इस तेजी से विकास कर रहे युग में हर दिन नयी खोजे हमारे जीवन में तेजी से बदलाव ला रहे हैं. जैसे जैसे समय बीता जा रहा है वैसे ही टेक्नोलॉजी और ज्यादा विकसित होती चली जा रही है. इसका इस्तेमाल दोनों ही पहलुओं में होता है अच्छा और बुरा. लेकिन सच्चाई तो यह है कि टेक्नोलॉजी का उपयोग सिर्फ अच्छाई के कामों के लिए ही ध्यान में रखकर खोज की जाती है. लेकिन लोगों के द्वारा इसका उपयोग कैसे किया जाता है यह उन पर निर्भर करता है. आज के इस पोस्ट पर हमने जाना कि डीएनए क्या है (What is DNA in Hindi) और इसकी खोज किसने की.

इसके साथ साथ हमने आपको यह भी बताया कि DNA Structure क्या होता है.

बहुत सारे लोग तो बस इसे डीएनए के नाम से ही जानते हैं लेकिन कम ही लोगों को मालूम होता है कि डीएनए का फुल फॉर्म क्या है (Full Form of DNA in Hindi). इसीलिए इस पोस्ट में हमने आपको बताया कि डीएनए का महत्व क्या है और यह क्या काम करता है. ताकि आप लोगों को इसकी पूरी जानकारी हो जाए और आप भी knowledge of dna in hindi अपने दिमाग में बैठा कर रखें. हम उम्मीद करते हैं कि इस पोस्ट से जुड़ी सभी जानकारी आपको मिल गई होगी अगर आपको यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक, टि्वटर , इंस्टाग्राम में अधिक से अधिक शेयर करें.

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