चक्रवात क्या है और इससे बचने के उपाय

अक्सर हमे समाचार चैनल के माध्यम से प्राकृतिक विपदाओं के बारे सतर्क किया जाता है और अभी तक कई बार ऐसी प्राकृतिक विपदाओं ने पुरे विश्व में भयंकर बर्बादी की है लेकिन क्या आपने कभी जानने की कोशिश की है की चक्रवात क्या है (What is cyclone in Hindi). चक्रवात के कारण क्या क्या होते हैं. आखिर क्यों ये नेचुरल डिजास्टर आता है इसके क्या क्या वजह होती है.

इसके अलावा हम यहाँ ये भी बात करेंगे की चक्रवात के प्रभाव क्या हैं और किस तरह लोग इससे प्रभावित होते हैं और इससे उनके जीवन में उन्हें कौन कौन सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. लोगों का जीवन अस्त व्यस्त करने में ये किसी तरह की कसर नहीं छोड़ता है. यहाँ हम ये भी चर्चा भी करेंगे की चक्रवात के प्रकार और इस से बचने के उपाय क्या हैं. जिससे समय रहते लोगों को बचाया जा सके.

प्राकृतिक विपदाएं कई तरह की होती है जैसे हमने पहले ही सुनामी और भूकंप के बारे में जान  लिया है इसके साथ ही ग्लोबल वार्मिंग की भी चर्चा की है. लेकिन आज के इस पोस्ट में हम जानेंगे की चक्रवात क्या होता है और इससे बचने का उपाय क्या है (What is cyclone in hindi).

चक्रवात क्या है – What is Cyclone in Hindi

chakrawat kya hai hindi

कम दबाव वाले केंद्र के आसपास गोल गोल घूमने वाले तूफ़ान को चक्रवात (Cyclone) के नाम से  जाना जाता है. इसके केंद्र जो की कम दबाव का होता है उसे इसके आँख के रूप में जाना जाता है. इसका केंद्र इसके अपने arms जो की केंद्र के चारों तरफ घूमता है एक हथियार की तरह काम करता है और चीज़ों को समा लेता है उसकी तुलना में अच्छी तरह से शांत रहता है.

आप कह सकते हैं की इसकी आँख शांत बैठकर सबकुछ देखता है की निचे क्या चल रहा है इसीलिए इसे साफ़ रास्ते की जरुरत होती है. वहीँ इसके arms जहाँ की सारी गतिविधि होती रहती है और यही वो जगह है जहाँ से आंधी बारिश और हवा को बाहर धकेलती रहती है.

जब भी हम समुद्र में आने वाले तूफ़ान की बात करते हैं तो यहाँ सबसे महत्वपूर्ण बात ये है की इसका नामकरण अलग अलग जगह के अनुसार ही रखा जाता है. उद्दाहरण के लिए जब ये तूफ़ान अटलांटिक महासागर और पूर्वोत्तर प्रशांत क्षेत्र में आता है तो इसे Hurricane बोलते हैं.

अगर यही तूफ़ान उत्तर पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में आता है तो इसे typhoon बोलते हैं. और अगर इसी तरह का तूफ़ान दक्षिण प्रशांत और हिन्द महासागर में आता है तोइसे tropical cyclone के नाम से जाना जाता है.

वैज्ञानिक हर प्राकृतिक विपदा का पहले से अनुमान लगाने के काम में लगे रहते हैं क्यों की सभी मालूम ही होता है प्रकृति द्वारा दी जाने वाली किसी भी विपदा को  सकता है लेकिन उससे बस बचा जा सकता है. ये बचाव का काम तभी हो सकता है जब समय रहते ही इनके होने का पता चल जाए.

चक्रवात के प्रकार – Types of Cyclone in Hindi

अगर हम चक्रवात की बात करें तो इसका शब्द Cyclone खुद बहुत तरह के तूफ़ान को प्रस्तुत करता है. इस तरह के तूफ़ान कई अलग अलग जगहों में आते हैं.

कई तो ज़मीन पर आते हैं और कई तूफ़ान समुद्र में आते हैं. इन सभी सामान्य बात ये होती है की इनका केंद्र कम दबाव का होता है जिसके चारों तरफ घूमने वाली आंधी होती है.

चलिए जानते हैं चक्रवात के प्रकार के बारे में.

Tropical Cyclones

ये वैसे cyclone होते हैं जिनसे अधिकतर लोग वाकिफ होते हैं क्यूंकि इस तरह के चक्रवात उष्णकटिबंधीय (tropical) महासागर क्षेत्रों में आते हैं. Hurricanes और typhoon दोनों ही tropical cyclones के प्रकार ही होते हैं.

बस फर्क इतना होता है की इनके नाम अलग अलग जगहों में अलग होते हैं ताकि ये नाम से ही साफ़ हो जाये की तूफ़ान किस एरिया में आ रहा है.

Hurricane अटलांटिक और पूर्वोत्तर प्रश्न में आते हैं जबकि typhoon उत्तर पश्चिमी प्रशांत में आते हैं.

अगर आप tropical cyclone का नाम सुनते हैं समझ जाएँ की ये दक्षिण प्रशांत या हिन्द महासागर में इस चक्रवात ने अपना असर दिखाया है. लेकिन इस पोस्ट में हम tropical cyclone नाम सभी तरह के cyclone के लिए इस्तेमाल करते हैं.

हम tropical cyclone को उनके हवा के गति के आधार पर इनके बारे में जानकारी लेंगे. तीव्रता और हवा की गति के साथ बढ़ते हुए हए केटेगरी में बांटा गया है जिसे Category 1,2,3,4, और 5 कहा जाता है.

जो पहला केटेगरी 1 होता है उसका मतलब होता है सबसे कमज़ोर केटेगरी का चक्रवात जिसकी गति 74-95 मील/घंटा होतो है.

वहीँ अगर हम केटेगरी 5 की बात करे तो ये सबसे तीव्र चक्रवात होता है जो सबसे खतरनाक होता है और जो बहुत भयंकर तबाही करने में सक्षम होता है. इस केटेगरी में हवा की गति 155मिल प्रति घंटा और उससे भी अधिक होती है.

Polar Cyclones

Polar Cyclones ऐसे चक्रवात होते हैं जो ध्रुवीय इलाकों में आते हैं. जैसे ग्रीनलैंड, साइबेरिया और अंटार्कटिका इत्यादि. Polar Cyclones tropical cyclones की तुलना में सर्दी में बहुत मज़बूत होते हैं.

जैसा की आप समझ सकते हैं इस तारक ध्रुवीय चक्रवात ज्यादा सर्द इलाकों में आते हैं और ऐसे इलाकों में इंसानी आबादी बेहद कम होती है और इसीलिए अधिक जानमाल का नुक्सान नहीं होता है.

Mesocyclone

एक Mesocyclone तब आता है जब एक गरज़ने वाले बादल का हिस्सा घूमना शुरू हो जाता है जो अंततः एक बवंडर का कारण बन सकता है जिसे हम अंग्रेजी में tornado के नाम से भी पुकारते हैं.

Meso का रथ होता है मध्य इसीलिए आप इसे एक प्रकार के तूफ़ान और दूसरे प्रकार के बीच का मध्य बिंदु मान सकते हैं. बवंडर सभी गरज़ने वाले बादल से आते हैं लेकिन सभ गरज़ने वाले बादल बवंडर नहीं बनाते हैं.

बवंडर बनने के लिए ये जरुरी  का एक हिस्सा spin हो तभी ये संभव है. लेकिन सच्चाई तो ये है की आप और हम ऐसा होते हुए नहीं देख सकते हैं क्यूंकि ये एक तरह से घूमने वाले बादल के साथ ही नियमित बादल का मध्य बिंदु होता है.

चक्रवात के कारण – Cause of Cyclone in Hindi

Tropical cyclone की शुरुआत तब होता है जब महासागर के सतह का पानी गर्म होकर भांप में बदलता जिससे भांप और गर्मी ऊपरी हवा में ट्रांसफर होता है.

जैसे ही गर्म और नम हवा आगे बढ़ती है तो ये फैलती है और ठंडी हो जाती है और जल्दी से saturated हो जाती है और पानी के भांप द्वारा संघनन के द्वारा latent heat release करती है.

जो चक्रवात की शुरुआत होना होता है तो उसके core में हवा होता है वो गर्म हो जाता है इस प्रोसेस के द्वारा नम कर दिया जाता है. गर्म, बढ़ती हवा और ठन्डे वातावरण के बीच जो तापमान का अंतर् बढ़ती हवा के कारण buoyant हो जाती है जिससे इसके ऊपर की गति बढ़ जाती है.

अगर समुद्री सतह बहुत ठंडी है तो पर्याप्त गर्मी उपलब्ध नहीं होगी  cyclone को शुरू होने के लिए जरुरी ईंधन प्रदान करने के लिए वाष्पीकरण दर कम होगी. अगर गर्म सतह की पानी की परत पर्याप्त नहीं है तो ऊर्जा की आपूर्ति में कटौती की जायेगी.

क्यूंकि विकासशील tropical सिस्टम  underlying ocean को modify करती है. गहरे संवेदी बादलों से गिरने वाली बारिश समुद्र की सतह को ठंडा कर देगी और तूफ़ान के केंद्र में चलने वाली तेज़ हवाएं अशांति पैदा करेगी.

अगर resulting  mixing सतह की नीचे से सतह तक ठंडा पानी लगता है तो tropical सिस्टम के लिए ईंधन की आपूर्ति को हटा दिया जायेगा.

गर्म हवा की vertical motion tropical system के गठन को शुरू करने के लिए अपर्याप्त है. इसमें हम बात करें की अगर गर्म, नम हवा एक वायुमंडलीय disturbance में बहती है तो आगे ये और डेवेलोप होगा.

चूँकि बढ़ती हवा के साथ समुद्री सतह से रिलीज़ होने वाले लेटेंट heat और direct heat transfer  दोनों ही disturbance को गर्म करती है इसीलिए disturbance के centre में वायुमंडलीय दबाव कम हो जाता है.

घटते हुए दबाव के कारण सतह की हवाएं बढ़ती है जो बदले में भांप और गर्मी के ट्रांसफर को बढाती है और हवा के आगे बढ़ने में योगदान देती है और. कोर की गर्मी और बढ़ी सतह की हवाएं सकारत्मक तोर पर एक दूसरे को मज़बूत बनाती है.

चक्रवात के प्रभाव – Effects of cyclone in hindi

Strong Winds: चक्रवात अपनी बहुत तेज़ हवाओं से बड़े इमारतों और ढांचों को बर्बाद कर के गंभीर नुक्सान करने के लिए पहचाना जाता है.

चक्रवाती तूफ़ान के साथ आने वाली तेज़ हवाएं इमारतें, आवासों, संचार तंत्र और पेड़ों को नुक्सान पहुंचाती है जिससे जान माल का नुक्सान होता है.

Gust कम होते हैं लेकिन हवा की गति में तेज़ी से होने वाले विस्फोट मुख्य कारण है.  दूसरी तरफ से squalls हवा की गति में लम्बे समय तक होती है और ये आमतौर पर गरज के साथ जुड़े होते है जो चक्रवात के आसपास spiral bands में होते हैं.

Torrential rains & Interland Flooding: चक्रवातों से जुडी मूसलाधार (30 सेमी/घंटा) नुक्सान का एक मुख्य कारण होती है. बेमौसम बरसात अभूतपूर्व बाढ़ को जन्म देती है.

तूफ़ान के ऊपर बारिश का पानी तूफ़ान के असर को बढ़ा सकता है. बारिश उनलोगों के लिए बहुत बड़ी और गंभीर समस्या है जो चक्रवात के कारण लोगों को बेघर कर देता है.

एक चक्रवात से भारी बारिश आमतोर पर बड़े क्षेत्र में फ़ैली होती है और बड़े पैमाने पर मिटटी के कटाव और तटबंधों के कमज़ोर होने का कारण बनती है.

Storm Serge: समुद्र के पास एक गंभीर tropical cyclone के कारण समुद्री सतह में आये असामान्य  वृद्धि को Storm Serge(तूफन वृद्धि) के रूप मे परिभाषित किया जा सकता है.

जिसकी वजह से समुद्र का पानी तटीय के नीचे इलाकों को डूबा देता है. जिससे मानव जीवन और माल का नुक्सान होता है. इसके अलावा ये समुद्र तट और तटीय क्षेत्रों के नुक्सान का कारण बनता है. वनस्पति को बर्बाद करता और मिटटी की उपजाऊ सकती को भी कम करता है.

चक्रवात से बचने के उपाय – How to be safe from cyclone

चक्रवात आने के बाद समय नहीं मिलता है और अगर कोई भी एरिया थोड़े ही समय के लिए इसकी चपेट में आये तो उसे वो कम समय में निस्तोनाबूद कर के चला जाता है. लोगों को कुछ भी सुचना नहीं मिल पता है.

लेकिन अगर इसके आने के पहले ही तयारी कर ली जाये तो इससे होने वाले नुक्सान को कम जरूर किया जा सकता है और जो नुकसान ये कर सकता है उससे थोड़ा तो बचा ही जा सकता है.

  1. सोसाइटी में और घर के आसपास कोई पेड़ सुख गया है तो इसे काट कर हटा दें.
  2. आप साइन बोर्ड तो अक्सर देखते ही होंगे अगर आपके घर के आसपास ऐसा कोई साइन बोर्ड है जो गिर सकता है तो उसे वहां से हटा ही दें क्यों की इसे नहीं हटाने से ये उड़ कर कहीं भी जा सकता है.
  3. अपने घर को चारों तरफ से देखें कहीं कोई खिड़की, दरवाज़ा, ऐसा तो नहीं है की जो कहीं से ख़राब है टुटा हुआ है तो उसकी सर्विस जरूर करा लें. चक्रवात केसमय हवा की गति काफी तेज़ होती है और इसकी गति 100-300 किमी के बीच में हो सकता है.हवा
  4. बहुत सारे लोगों के घरों में छत के लिए टीन या फिर अलबेस्टर का इस्तेमाल किया हुआ होता है तो अगर ये कहीं से अच्छे से सेटअप किया हुआ न हो तो बढ़िया से और मज़बूती के साथ सेटअप कर लें क्यूंकि इनके उड़ने की सम्भावना बहुत अधिक हो जाती है.
  5. याद रखें की चक्रवात के समय तूफ़ान आने पर बिजली नहीं होती है और अँधेरा का सामना भी करना पड़ सकता है तो इस स्थिति में अपने पास इमरजेंसी लाइट, इन्वर्टर, टॉर्च फुल्ली चार्ज बैटरी के साथ तैयार कर के रखें.
  6. भारी चक्रवात के आने से खाने पीने की चीज़ों का भी नुक्सान हो सकता है तो ऐसी स्थिति में पहले से अपने घर फल, ड्राई फ्रूट्स, पानी इत्यादि का इंतेज़ाम कर के रखें.
  7. अपने पास रस्सी और चाकू वगैरह अवश्य रखें इनकी जरुरत कभी भी पड़ सकती है.
  8. ऐसी स्थिति में टीवी, मोबाइल आदि के नेटवर्क डाउन हो सकते हैं तो ऐसी स्थिति से बचने के लिए सुचना प्राप्त करने के लिए रेडियो जरूर रखें.
  9. अपने मोबाइल फ़ोन की बैटरी को पूरा चार्ज कर के रखें क्यूंकि अगर मोबाइल नेटवर्क रहा तो आप इसे सुचना के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके अलावा आप इसका इस्तेमाल टॉर्च के जैसा भी कर सकते हैं क्यों आजकल हर मोबाइल फ़ोन में टॉर्च होता ही है.
  10. चक्रवात के समय यात्रा करने की बिलकुल भी न सोचे क्यों उस समय चक्रवात के कारन हवा की गति काफी तेज़ होती है जिससे की गाड़ियां भी पलट जाती हैं.
  11. अपने घर के आसपास के अस्पताल, सहायता केंद्र, एम्बुलेंस का हेल्पलाइन नंबर अपने पास जरूर रखें और हो सके तो सभी लोगों के साथ भी शेयर करने की भी कोशिश करें.

संक्षेप में

इस तरह की डिजास्टर से पूरा शहर बर्बाद हो सकता है या फिर किसी ख़ास क्षेत्र भी इससे प्रभावित हो सकता है. ये बहुत ही भरी जानमाल का नुकसान पहुँचाने में सक्षम होता है लेकिन समय से पहले इसकी जानकारी ले ली जाये तो इससे होने वाले नुक्सान से बचा जा सकता है. इसीलिए यहां हमने चक्रवात से बचने के उपाय भी बताएं हैं जिसे फॉलो कर के आप अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी बचा सकते हैं.

हमने आज की पोस्ट में आपको बताया की चक्रवात क्या है (What is cyclone in Hindi) और इसके प्रभाव के बारे में भी आपको जानकारी मिल गयी होगी. प्राकृतिक विपदाओं में इस विपदा ने दुनिया के हर हिस्से में अपनी तबाही का मंज़र दिखाया है और बताया है की एक चक्रवात क्या क्या तबाह कर सकता है. साथ ही हमने इसमें ये भी बताया की चक्रवात के कारण क्या क्या हो सकते हैं.

उम्मीद करता हूँ की आपको चक्रवात क्या होता है और इसके प्रकार क्या क्या हैं. अगर आपको ये पोस्ट पढ़कर इससे कुछ मदद मिली हो तो इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदातों के साथ फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम में अधिक से अधिक शेयर करें.

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