ब्रिक बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें?

इमारत बनाने के लिए ईंट का प्रयोग किया जाता है. शहरों के विकास होने में निर्माण कार्य का काफी महत्व है इसीलिए इस बिज़नेस में आप अपनी किस्मत आजमा सकते हैं तो अगर आप जानना चाहते हैं की ईंट बनाने के बिज़नेस कैसे करें? तो ये आर्टिकल बहुत फायदेमंद है.

ईट का बिजनेस चलाने की प्रक्रिया बहुत ही आसान है इच्छुक लोग इस बिजनेस को बहुत ही साधारण तरीके से चला सकते हैं क्योंकि यह बिजनेस कम लागत में अधिक लाभ देता है.

ईट बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें?

ईट का डिमांड आज की जनरेशन में दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है क्योंकि बढ़ती हुई जनसंख्या के साथ लोग घरों को भी अधिक तेजी से बनाना शुरु कर रहे हैं, बिना ईट का घर बन पाना नामुमकिन है इसलिए घरों के निर्माण के लिए ईटों की खरीदारी अधिक से अधिक मात्रा में की जा रही है.

यदि आप ईट का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो आपके लिए यह बिजनेस भविष्य में बहुत ही लाभदायक साबित होगा. आजकल ईटों की खरीदारी अधिक से अधिक मात्रा में हो रही है जिससे ईटों के व्यापारियों को काफी लाभ प्राप्त हो रहा है.

1. ईट बिजनेस के लिए योजना:-

हर एक व्यवसाय को शुरू करने के लिए उचित योजना को तैयार करना एक सफल व्यापारी का कार्य होता है. जो व्यापारी अपने बिजनेस को शुरू करने के पहले उस बिजनेस की सारी डिटेल्स की जानकारी लेते हुए अपने व्यवसाय को शुरू करते हैं उनको भविष्य में अपने बिजनेस को लेकर कोई घाटा नहीं होता.

यदि आप ईटों का व्यवसाय करने के लिए इच्छुक हैं और आपके मन में इस बिजनेस का विचार विमर्श हो रहा है तो आप सबसे पहले ईटों के बिजनेस की सारी डिटेल्स अर्थात जानकारी पता करें और उन सभी जानकारियों को फॉलो करते हुए आप ईटों की बिजनेस शुरू करें ऐसा करने से आपकी बिजनेस दिन प्रतिदिन बढ़ती जाएगी.

ईटों के व्यवसाय की जानकारी लेने के लिए आप उन लोगों से संपर्क करें जो ईटों का बिजनेस चलाते हैं वह आपको अच्छी तरीके से सही जानकारी इस व्यवसाय का आपको देंगे की ईटों की मार्केटिंग कैसे किया जाता है, ईटों को बनाने में शुरुआत में लगने वाली लागत, ईटों को मशीन की लागत इत्यादि.

2. जगह का चुनाव:-

बिज़नस अर्थात व्यवसाय एक ऐसा कार्य है जिसके लिए व्यापारियों को सबसे पहले जगह का चुनाव करना होता है क्योंकि किसी भी कंपनी को यदि आप स्थापित करते हैं उसके लिए आवश्यक जगह होनी जरूरी है.

या फिर अब किसी भी तरह की बिजनेस शुरू करें उसके लिए सबसे पहला स्थान का चुनाव महत्वपूर्ण क्योंकि जब तक आप अपने व्यवसाय के लिए किसी उचित स्थान का चुनाव नहीं करेंगे तो आपका व्यवसाय कहां चलेगा इसलिए हर एक बिजनेस के लिए एक सटीक जगह का चुनाव करना बिजनेस चलाने का पहला कदम होता है.

आप अगर ईटों की बिजनेस शुरू कर रहे हैं तो इसके लिए आपको एक सही स्थान ढूंढना होगा जहां ईटों को बनाने की सारी सुविधाएं जैसे पानी सीमेंट बालू इत्यादि उपलब्ध हो.

स्थान इतना लंबा चौड़ा होना चाहिए जहां से आप अपने माल को सप्लाई आसानी तरीके से कर सकें ईटों की रखरखाव में कोई दिक्कत ना हो यदि आप इस तरह के अस्थान का चुनाव अपने ईटों की व्यवसाय के लिए करते हैं तो यह निर्णय आपका सटीक निर्णय होगा.

आपके द्वारा चुनी गई जगह ऐसी होनी चाहिए जहां से आप ग्राहक से सीधे संपर्क कर सकें यदि आप इस तरह का जगह का चुनाव करते हैं तो इससे आप ठेकेदारों को ईटें आसानी पूर्वक प्रोवाइड कर सकते हैं.

3. आवश्यक कच्चे माल:-

हर एक प्रकार के व्यवसाय को चलाने के लिए उनकी आवश्यकता अनुसार कच्चे माल की खरीदारी करना बहुत ही आवश्यक है क्योंकि बिना कच्चे माल की वह बिजनेस शुरू हो ही नहीं सकती है इसलिए कच्चे मालों को उनकी गुणवत्ता की जांच करते हुए सही रेट में खरीदनी चाहिए.

अगर ईट  के बिजनेस की बात करें तो इनको बनाने के लिए आवश्यकता कच्चे माल ईट, सीमेंट ,राखड इत्यादि है व्यापारियों को अपने आठ के बिजनेस शुरू करने के लिए इन सभी कच्चे मालों को सही दामों पर खरीदनी चाहिए इन कच्चे माल को खरीदने में ज्यादा लागत की आवश्यकता नहीं होती है.

4. ईट बनाने वाली मशीन:-

आज के युग में किसी भी प्रोडक्ट को बनाने के लिए तरह तरह की मशीनें का निर्माण किया गया है जिसे व्यापारी अपने आवश्यकता अनुसार मशीनों की खरीदारी करके अपने प्रोडक्ट को बनाते हैं.

ठीक उसी प्रकार ईटों को बनाने के लिए भी स्वचालित मशीनों का निर्माण किया गया है जो मार्केट में सही दाम पर उपलब्ध है.

यदि आप ईटों की बिजनेस शुरू करना चाह रहे हैं तो इसके लिए आपको ईटों की मशीन जिसे स्वचालित मशीन के नाम से जाना जाता है. इसकी खरीदारी करनी होगी जिसकी लागत ₹300000 लगभग है. हालांकि पहले जमाने में मिट्टी की ईंटों की बनाने की प्रक्रिया हाथों द्वारा कारीगर करते थे और फिर इन्हें आग में पकाकर इसे पक्का बनाया जाता था.

जब से स्वचालित मशीनों का निर्माण हुआ है लोग सीमेंट की बनाना शुरू कर दिए हैं जिसकी डिमांड आज की जनरेशन में बहुत ही ज्यादा है.

यदि आप अपने बिजनेस को अच्छे तरीके से चलाना चाहते हैं इसके लिए आपको अपने अनुसार मार्केट से ईटों की बनाने की मशीन की खरीदारी करनी होगी.

5. ईट बनाने के व्यवसाय की ट्रेनिंग:-

जो व्यापारी ईट बनाने का व्यवसाय शुरू करते हैं उनके लिए पहले ईट बनाने की ट्रेनिंग लेना बहुत ही आवश्यक है क्योंकि बिना ट्रेनिंग का ईट बनाने की प्रक्रिया पूरी नहीं कर सकते हैं इसलिए ईटों को बनाने की ट्रेनिंग लेना व्यापारियों के लिए बहुत ही आवश्यक है.

यदि आप अपने बिजनेस के लिए कारीगरों को रखते हैं तो उन कारीगरों के लिए भी ईट बनाने की ट्रेनिंग लेना अनिवार्य है यदि बनाने की ट्रेनिंग ले चुके हैं तो बिजनेस के लिए ऐसे कार्य करो रखना आपके लिए लाभदायक साबित होगा.

 जो व्यक्ति ट्रेनिंग लेना चाहते हैं उनके लिए ऐसे कई प्लांट होते हैं जहां ईटों को अधिक से अधिक मात्रा में बनाया जाता है आप ऐसे स्थान पर जाकर ईटों की बनाने की प्रक्रिया सीख सकते हैं.

आप तभी बिजनेस को स्टार्ट करें जब इस ट्रेनिंग को आप पूरा कर ले क्योंकि बिना ईट को बनाने की प्रक्रिया सीखे आप इस बिजनेस को अच्छे तरीके से नहीं चला पाएंगे.

6. हाथों से ईट बनाने की प्रक्रिया:-

आजकल सीमेंट की ईट है मार्केट में मिल रही स्वचालित मशीनों के माध्यम से बनाई जाती है लेकिन अभी भी कुछ ऐसे स्थान हैं जहां ईटों को कारीगरों के माध्यम से बनाया जाता है जिन्हे बनाने की प्रक्रिया निम्नलिखित है:-

7. कच्चे माल को उचित अनुपात में मिलाना:-

सीमेंट ईट बनाने के लिए आवश्यक जितने भी कच्चे माल होते हैं जैसे सीमेंट मिट्टी पत्थर के टुकड़े इन सभी का 1.6 अनुपात होना आवश्यक है सभी अच्छे गुणवत्ता वाले ईट तैयार की जाएगी.

8. मिक्सिंग:-

मिक्सिंग की प्रक्रिया ईट बनाने का दूसरा कदम है जिसके अंतर्गत आवश्यक कच्चे माल को उचित पानी के मात्रा में मिक्स किया जाता है और फिर इसे कंक्रीट गोल में डालकर मिक्सिंग की प्रक्रिया पूरी की जाती है.

9. मिक्सचर को सही आकार देना:-

तैयार किए गए कच्चे मालों के मिक्सचर को आप विभिन्न प्रकार के सांचो में कारीगरों द्वारा डाला जाता है ताकि उन्हें सही आकार दिया जा सके. इट को अलग-अलग आकार का बनाया जाता है.

कारीगर जिस भी आकार में उसे बनाना चाहते हैं उस हिसाब से मिक्सचर को सांचे में डालते हैं इस प्रकार ईटों की आकार दी जाती है. इन सभी प्रक्रिया को करने के बाद सांचे में डाले गए मिक्सचर को लगभग 24 घंटे धूप में रखा जाता है और ये ध्यान में रखना चाहिए कि उन्हें अधिक तेज हवा ना मिले क्योंकि हवाओं से ईट बनने का प्रोसेस खराब हो सकता है.

10. मिक्सचर को सुखाना:-

ईटो को 24 घंटे धूप में सुखाया जाता है तब भी उनके सांचे में कुछ ना कुछ कमी रह जाती है जिससे में सही तरीके से सुख नहीं पाता इसलिए सांचे में डाले गए मिक्सचर को अच्छी तरीके से सुखा लें जिससे एक हार्ड बन सके.

इस प्रकार से ईट आसानी पूर्वक बनाई जा सकती है यदि आप इस प्रोसेस को फॉलो करते हैं तो आपके द्वारा भी ईटें सरल रूप से बन सकता.

बिजनेस को शुरू करने के लिए लगने वाली लागत:-

यदि आप ईट के बिजनेस शुरू करना चाह रहे हैं तो आपको बता दें कि य बिजनेस मुख्यतः दो पैमाने में किया जाता है.

पहला तो इसे छोटे पैमाने पर आसान तरीके से किया जा सकता है और दूसरा कई व्यापारी इस बिजनेस को बहुत ही बड़े पैमाने पर करते हैं लेकिन छोटे पैमाने पर भी यदि आप इस बिजनेस को शुरू कर रहे हैं तो आपको 15 से 2000000 रुपए का खर्च करना होगा.

आज की जनरेशन में हर एक चीजों की रेट बढ़ती जा रही है. वहीं अगर आप बड़े पैमाने में बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं तो आपको 15 और 20 लाख के बजाय इससे कई गुना ज्यादा पैसा खर्च करने होंगे तभी आप ईद का बिजनेस अधिकतम आने में कर सकते हैं.

ईटों को कहां सेल करें?

यदि आप ईटों की कारखाना खोलने की सोच रहे हैं तो जब आप इसको अधिक से अधिक संख्या में निर्माण कर लेंगे तो इसे बेचने के लिए आपको किसी ग्राहक से संपर्क करने की आवश्यकता नहीं है.

आज के समय में अधिक संख्या में घरों का निर्माण हो रहा है जिसके लिए ठेकेदार खुद कारखानों में जाकर ईटों की खरीदारी करते हैं इस प्रकार को बेचना आपके लिए आसान होगा.

ईट बनाने के व्यवसाय में प्रॉफिट:-

ईट के व्यवसाय में व्यापारियों को अधिक से अधिक लाभ प्राप्त होता है क्योंकि एक ऐसी आवश्यक सामग्री है जिसके बिना घर बनाना मुश्किल है इसलिए लोग इसे अधिक से अधिक खरीदारी करते हैं और अपने घर के निर्माण में इसका उपयोग करते है यदि आप 1 महीने में 1 लाख ईट बेचते हैं.

मिट्टी की ईंटों का उपयोग लोग पहले बहुत ही अधिक मात्रा में करते थे लेकिन 2012 से मिट्टी के खनन पर सुप्रीम कोर्ट के द्वारा प्रतिबंध लगाया गया जिस कारण से 2012 के बाद सीमेंट की ईटों का निर्माण मशीन के द्वारा किया जाने लगा और यह ईट आज भी अधिक से अधिक मात्रा में खरीदी जाती है. जिसे खासकर ठेकेदार द्वारा ट्रैक्टर बाइ ट्रैक्टर खरीदा जाता है.

सीमेंट ईटों की मांग बाजार में क्यों बढ़ रही है?

सीमेंट की ईट  की मांग बाजार में बढ़ने का कारण यह है कि सीमेंट की ईट से घर बनाने से घर मजबूत बनता है क्योंकि इसमें सीमेंट का इस्तेमाल किया जाता है इसके साथ साथ सीमेंट युक्त एक कदम सीमेंट के दाम पर निर्भर करता है इसलिए इसकी रेट भी बढ़ती है.

जब से सुप्रीम कोर्ट के द्वारा मिट्टी के खनन में प्रतिबंध लगाया गया है तब से मिट्टी की ईंटों की बजाय लोग सीमेंट की ईट  की ओर इंटरेस्ट रखने लगे हैं और जिसे भी अपने घर बनाने होते हैं वह प्राया: सीमेंट की ईट खरीदारी करते हैं.

निष्कर्ष

ईटों की बिजनेस बहुत ही सफल बिजनेस है क्योंकि आजकल ईटों की डिमांड बहुत ही तेज गति से बढ़ रही है ऐसे में यदि आप ईटों का बिजनेस शुरू करते हैं तो आपका बिजनेस भी बहुत ही शानदार तरीके से चलेगा.

आज आपने हमारे इस आर्टिकल के माध्यम से जाना ईट का बिजनेस कैसे शुरू करें? 

उम्मीद है आपको हमारे इस आर्टिकल के माध्यम से ईट की बिजनेस से संबंधित सारी जानकारी मिली होगी.

Wasim Akram

वसीम अकरम WTechni के मुख्य लेखक और संस्थापक हैं. इन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है लेकिन इन्हें ब्लॉगिंग और कैरियर एवं जॉब से जुड़े लेख लिखना काफी पसंद है.

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