अमेरिका की खोज किसने की – Who discovered America in Hindi?

हम ने बचपन से अमेरिका का नाम सुना है लेकिन ये दुनिया में कब सबके सामने आया क्या ये आप जानते हैं. अगर आप ये नहीं जानते की अमेरिका की खोज किसने की तो आप इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें.

अमेरिका एक सर्व संपन्न देश है, सभी देशों की अपेक्षा यह देश एक शक्तिशाली देश है जिसमें हर एक व्यवस्था बहुत ही महत्वपूर्ण पूर्वक की गई है. 

अमेरिका अर्थव्यवस्था के मामले में सभी देशों की अपेक्षा बहुत ही शक्तिशाली है क्योंकि इस देश की अर्थव्यवस्था अन्य देशों की अपेक्षा काफी उच्च स्तर तक का है. 

आज हम इस आर्टिकल के जरिए आपको अमेरिका से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी देने जा रहे हैं.

अमेरिका की खोज किसने की ? 

अमेरिका की खोज क्रिस्टोफर कोलंबस के द्वारा 12 अक्टूबर 1942 ईस्वी को किया गया था. क्रिस्टोफर कोलंबस एक नाविक थे जिनका जन्म 1451 ईस्वी में इटली के शहर जिन्होंने हुआ, क्रिस्टोफर कोलंबस के पिता जिलोहे थे. 

अमेरिका एक महान देश है क्योंकि इस देश की हर एक व्यवस्था अन्य देशों की अपेक्षा काफी उच्च स्तर तक का होता है. इस देश की अर्थव्यवस्था अन्य देशों की अपेक्षा बहुत ही ज्यादा है जिससे इस देश में किसी चीज की कमी महसूस नहीं होती.

अमेरिका एक शक्तिशाली देश है जिसके पास हर एक आवश्यक चीजों की साधन उपलब्ध है.

कोलंबस अपने पिता के कामों में उनकी मदद किया करते थे लेकिन जैसे-जैसे कोलंबस बड़े होते गए इनकी रूचि समुद्री यात्राओं में बढ़ती गई और इसके दौरान इन्होंने समुद्री यात्रा करना अपना पैसा बना लिया और वे अपने पिता के काम को ना करके अपने रुचि अनुसार समुद्री यात्रा में जुट गए.

क्रिस्टोफर एशिया महाद्वीप यानी भारत की खोज करना चाहते थे क्योंकि यूरोप में अक्सर भारत के मसाले सोने तथा अन्य खजानो का आयात निर्यात किया जाता था जिससे भारत के खजानो के साथ-साथ वहां के मसाले बहुत ही प्रसिद्ध है. 

यूरोप से भारत जाना और आना बहुत ही मुश्किल हुआ करता था इसलिए कोलंबस ने समुद्री रास्तों के द्वारा भारत पहुंचने का रास्ता निकालना चाहते थे. 

यूरोप से भारत की आयात और निर्यात की प्रक्रिया काफी परेशानी जनक हुआ करती थी और इस दौरान भारत से सामानों का आयात और निर्यात करने में काफी ज्यादा खर्च हुआ करता था.

इसलिए कोलंबस ने इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए भारत के नए रास्ता का खोज करना चाहते थे जिससे भारत में आना जाना आसान हो सके और खर्च भी बचे. इसलिए उन्होंने समुद्री रास्ता से भारत के रास्ता खोजने का निर्णय लिया.

अपने इस निर्णय में कोलंबस ने आगे बढ़ा और भारत जाने के रास्ते को खोजने के लिए यह योजना पुर्तगाल राजा के सामने प्रस्तुत किया लेकिन पुर्तगाल के राजा इस योजना में अपनी सहमति नहीं दी. 

उसके दौरान कुछ समय पश्चात क्रिस्टोफर कोलंबस भारत के रास्ता खोजने की इस योजना को स्पेन के शासक को प्रस्तुत किया उस समय स्पेन के शासक इस योजना में दिलचस्पी दिखाई और उन्होंने इस योजना को सफल करने के लिए जितने भी खर्च होने वाले थे उन खर्च को उठाने का फैसला लिया.

इन सभी प्रक्रियाओं के द्वारा कोलंबस ने अपनी भारत खोजने की यात्रा तीन जहाजों के साथ तीन अगस्त 1492 इसवी को प्रारंभ किया. तीन जहाज जो उन्होंने इस यात्रा के लिए चयन किया था उनका नाम मीना पिंटा तथा सेंटा था. कोलंबस अपने तीन जहाजों और कुछ साथियों के साथ इस जोखिम भरे भारत के रास्ते खोजने की यात्रा शुरू किया.

यह यात्रा इन लोगों के लिए बहुत ही कठिन था क्योंकि यह यात्रा समुद्र के जरिए शुरू हुआ था और समुद्र के जरिए ही भारत जाने की रास्ता ढूंढने थी जिसमें उनकी जान भी जाने का डर था. 

कई दिन गुजर गए वह अपनी योजना में अड़े रहे लेकिन उनके साथ एक नाविक थे जिन्होंने वापस लौटने के लिए बगावत कर दी क्योंकि उस नारी का कहना था कि समुद्र के जरिए हमें भारत की रास्ता नहीं मिल सकती हमें अपनी जान बचा कर वापस लौट जाना चाहिए क्योंकि समुद्र हम लोगों की जान के लिए भारी पड़ सकता है. 

उस समय कोलंबस ने धैर्य और संयम के साथ उस नाविक को समझाया और कहा कि यदि हमारा यात्रा 2 दिन के अंदर सफल ना हुआ तो हम वापस लौट जाएंगे. 

उस नाविक को शांत करने के लिए इन्होंने यह बात बोली लेकिन वह भारत के रास्तों को ढूंढने के लिए अड़े हुए थे वे पीछे हटना नहीं चाहते थे.

कुछ दिन बीत गए और अचानक उन्हें एक भूमि दिखाई दी वे तुरंत अपने साथियों को उस भूमि की ओर अपने नाम लेकर मरने के लिए कहा और वे उस भूमि पर जाकर उतरे उन्हें लगा कि वह सच में इंडिया की खोज कर ली. लेकिन उनके खोजे गए भूमि स्थल बहामास का आइलैंड सैन सल्वाडोर था. 

इनकी खोज के बाद उन्होंने बहुत से कैरेबियाई दीपों का खोज किया, इन सभी के साथ-साथ उन्होंने 2 दीपों की खोज की जिसका नाम जुआना तथा हिस्पानीओला था. 

इन महाद्वीपों की खोज करने के दौरान उन्होंने बहुत से खजाने और दौलतो को इकट्ठा कर उन्होंने 39 साथियों को वहीं छोड़कर स्पेन वापस लौटने का निर्णय लिया.

जब कोलंबस वापस लौट रहे थे तो अश्विन के साथ-साथ इनकी कामयाबी का बहुत ही प्रशंसा किए और साथ में इनका आदर पूर्वक स्वागत किया.

उनके द्वारा किए गए महान कार्यों को नजर में रखते हुए आस्तीन के शासक ने कोलंबस द्वारा खोजे गए हिस्पानी ओला का गवर्नर उन्हें घोषित कर दिया गया.

कोलंबस के द्वारा खोजे गए इन सभी महाद्वीपों को देख स्पेन के शासक ने इनकी यात्रा के सारे खर्च उठाने को फिर से तैयार हो गए हैं और इस प्रकार कोलंबस ने अमेरिकी यात्रा तीन बार पूरी की लेकिन उन्हें यह पता नहीं चला कि वे जिस महाद्वीप को ढूंढ कर निकाले हैं वह अमेरिका है.

कोलंबस को लगता था कि वह जिस माध्यम को खोजें हैं वह एशिया महाद्वीप है यानी कि भारत. जब उनकी मृत्यु हुई तब भी उन्हें यह पता नहीं चला कि उनके द्वारा खोजा गया महाद्वीप अमेरिका है ना कि इंडिया.

अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति कौन है? 

अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति जो बिडेन है जो अमेरिका के 46 वे राष्ट्रपति बने हैं. उन्होंने अमेरिका के प्रति बहुत ही महत्वपूर्ण कार्यों को कर अपने देश को आगे बढ़ाया है जिसके कारण आज भी जो बिडेन की प्रशंसा बहुत ही ज्यादा की जाती है. 

जो बिडेन बहुत ही उच्च विचार के राष्ट्रपति हैं जिन्होंने अपने देश की हर एक व्यवस्था का बहुत ही सादगी पूर्वक ध्यान रखा है और अभी भी अपने देश को हर एक चीज में आगे रखते हैं.

इनका जन्म 20 नवंबर 1942 ईस्वी में हुआ, यह एक महान व्यक्ति हैं क्योंकि अपने महत्वपूर्ण कार्यों से अपने देश को आगे बढ़ाने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. 

जो बिडेन अपने परिवार के साथ साथ पूरे देश का देखभाल बहुत ही महत्वपूर्ण तरीके से करते हैं. इसलिए इनके कार्य करने की क्रियाकलापों की वजह से अमेरिका के साथ-साथ अन्य देशों के लोगों के द्वारा इन्हें सम्मान और इज्जत दिया जाता है.

अमेरिका की राजधानी कहां है? 

अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डी. सी. है. वाशिंगटन डीसी एक केंद्र शासित जिला है जो किसी राज्य के अंतर्गत नहीं आता इसलिए राष्ट्रपति के चुनाव में इस शहर की जनता भाग नहीं लेती है. 

इसकी स्थापना 1991 में की गई थी. इस शहर का निर्माण मैरीलैंड नमक राज्य से हुआ है जो पोटोमैक नदी के किनारे स्थित है. इसका क्षेत्रफल 181 किलोमीटर है जिसमें लगभग 700000 लोगों की जनसंख्या है.

अमेरिका की मुद्रा क्या है? 

अमेरिका एक शक्तिशाली देश है जिसकी मुद्रा भी बहुत ही मजबूत सिक्के की होती है जिसे अमेरिकी डॉलर कहा जाता है. 

इस डॉलर में अमेरिका के प्रथम राष्ट्रपति जॉर्ज वाशिंगटन का फोटो भी छपा हुआ रहता है. यह डॉलर अच्छी और आरक्षित मुद्रा में से एक है. जिस प्रकार हर देश का अपना एक अलग मुद्रा होता है ठीक उसी प्रकार अमेरिका का मुद्रा अमेरिकी डॉलर है.

अमेरिका की अर्थव्यवस्था

अमेरिका बहुत ही अमीर देश है और इनकी अर्थव्यवस्था अन्य देशों की अपेक्षा बहुत ही अच्छी है. इनकी जीडीपी 21 ट्रिलियन डॉलर है. 

अमेरिका की अर्थव्यवस्था अन्य देशों की तुलना में काफी उच्च स्तर तक पहुंची हुई है. इसलिए सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में अमेरिका के लोग ज्यादा आते हैं. 

अमेरिका में बिजनेस कुछ अलग तरीके से चलता है जिससे उनको प्रॉफिट बहुत ही ज्यादा मिलती है इसके साथ-साथ वहां की हर एक कंपनी पूरे विश्व में एक अलग जगह बनाई हुई रहती है.

अमेरिका के प्रथम राष्ट्रपति कौन थे? 

अमेरिका सभी देशों में सबसे शक्तिशाली देश माना जाता है क्योंकि इस देश का हर एक कार्य महत्वपूर्ण तरीके से किया जाता है जिससे काफी हद तक प्रॉफिट मिलती है.

अमेरिका के प्रथम राष्ट्रपति जॉर्ज वाशिंगटन थे जिन्होंने अमेरिका की हर एक व्यवस्था में महत्वपूर्ण कार्यों को कर बहुत बड़ा योगदान दिए थे. 

अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डी.सी, इस देश के प्रथम राष्ट्रपति जॉर्ज वाशिंगटन के नाम पर रखी गई थी. 

इसके साथ साथ अमेरिका के खोजकर्ता क्रिस्टोफर कोलंबस के नाम पर भी अमेरिका की राजधानी का नाम पड़ा है. वाशिंगटन डी. सी. नाम में डीसी क्रिस्टोफर कोलंबस का शॉर्ट नाम है.

राष्ट्रपति का निवास व्हाइट हाउस 

अमेरिका में राष्ट्रपति का निवास स्थान वाइट हाउस है जिसे 1799 में बनाया गया था. हालांकि यह हाउस सभी राष्ट्रपति के लिए बनाई गई थी लेकिन प्रथम राष्ट्रपति जॉर्ज वाशिंगटन इस हाउस पर निवास नहीं कर पाए क्योंकि वाइट हाउस की स्थापना के पूर्व इनकी मृत्यु हो चुकी थी.

वाइट हाउस अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में स्थित है, इस हाउस में कुल 132 कमरे बनाए गए हैं जिसमें 35 डिपार्टमेंट्स और 412 दरवाजे स्थित है इन सभी के साथ-साथ 147 खिड़कियां भी इस हाउस में बनाई गई है. 

यह इमारत छह मंजिलों से बनकर बनाया गया है जिसमें 8 सीढ़ियां और तीन लिफ्ट उपलब्ध है.

अमेरिका में स्थित लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस

अमेरिका में विश्व के सबसे बड़ा पुस्तकालय स्थित है जो अमेरिका की राजधानी में बनाई गई है जिसका नाम लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस रखा गया है इस लाइब्रेरी में अनेक प्रकार के पुस्तकें उपलब्ध होती हैं. इस पुस्तकालय में 38 मिलियन से अधिक पुस्तकें रखी गई है जिसमें 450 भाषाओं के अलग-अलग पुस्तक हैं.

अमेरिका की जनसंख्या कितनी है? 

अमेरिका जनसंख्या के आधार पर भी बहुत बड़ी देश है जो जनसंख्या के आधार पर तीसरे नंबर पर आती है यह देश भारत से जनसंख्या के आधार पर एक नंबर आगे है. अभी अमेरिका की जनसंख्या 32,87,76,506 है.

अमेरिका में उपस्थित राज्य 

अमेरिका में कुल 50 राज्य हैं जो निम्नलिखित हैं:- 

न्यूयॉर्क, अलाबामा, अलास्का, एरीजोना, आर्कनसा, कैलिफोर्निया, कोलोराडो, कनेक्टिकट, डेलावेयर, फ्लोरिडा, जॉर्जिया, हवाई, एडायो, इलिनॉय , इंडियाना, आईयोवा, केनसास, केंटकी, लुईसीयाना, मेन, मैरीलैंड, मसीचुसेट , मिशीगन, मिनेसोटा, मिसिसिया, मिजुरी, मोंटाना, नेब्रास्का, एनआर, न्यू हेंपशायर, न्यू मैक्सिको, नॉर्थ कैरोलिना, नॉर्थ डकोटा, ओहायो, ओकलाहोम, ओरेगाना, पेंसिलवेनिया, रोड आइलैंड, साउथ कैरोलिना, साउथ डकोटा, टेनेसी, टैक्सस, यूटा, वरमांड, वसीटन, वेस्ट वर्जिनिया, विसकोंसिस, वायमिंग, न्यू जर्सी .

निष्कर्ष

अमेरिका एक शक्तिशाली तथा सर्व संपन्न देश माना जाता है क्योंकि इस देश की आर्थिक व्यवस्था से लेकर हर कार्यों की व्यवस्था बहुत ही महत्वपूर्ण तरीके से की हुई रहती है. 

आज आपने यहाँ जाना की अमेरिका की खोज किसने की? इसके साथ-साथ अमेरिका की अन्य जानकारियां भी आपको बताया हैं.

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Wasim Akram

वसीम अकरम WTechni के मुख्य लेखक और संस्थापक हैं. इन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है लेकिन इन्हें ब्लॉगिंग और कैरियर एवं जॉब से जुड़े लेख लिखना काफी पसंद है.

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