अगरबत्ती का बिजनेस कैसे शुरू करें? इस बिजनेस को शुरू करने के सारे स्टेप

क्या आप घर बैठे अगरबत्ती बनाने क बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं? तो यह यह एक अच्छा निर्णय साबित हो सकता है अगर आप इसे योजना बद्ध तरीके से करते हैं. इस आर्टिकल में हम आपको पूरी प्लानिंग के साथ बताएँगे की अगरबत्ती बनाने का बिज़नेस कैसे शुरू करें (How to start Agarbatti manufacturing business process in hindi)?

अगरबत्ती उत्पादन करने का बिज़नेस काफी आसान होता है अगर आप इसके मशीन का प्रयोग करते हैं. फिर भी कई लोग ऐसे होते हैं जो मशीन में अपने पैसे इन्वेस्ट नहीं करना चाहते हैं तो मैन्युअल हाथ से अगर बत्ती का प्रोडक्शन शुरू कर सकते हैं. लेकिन मेरी राय यही है की आप थोड़ा इन्वेस्ट कर के मशीन के साथ ही ये व्यापार शुरू करें.  

लोगों के द्वारा अगरबत्ती का व्यापार छोटे पैमाने के साथ-साथ बड़े पैमाने में भी किया जाता है. कुछ लोग ऐसे होते हैं जो इस बिजनेस को स्टार्ट करना चाहते हैं लेकिन उन्हें इस बिजनेस के स्ट्रेटजी पता नहीं होती तो आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से बताएंगे कि अगरबत्ती का बिजनेस कैसे शुरू करें?

अगरबत्ती का बिजनेस कैसे शुरू करें?

यदि आप अगरबत्ती का व्यापार करना चाह रहे हैं तो आपके लिए यह व्यवसाय बहुत ही लाभकारी साबित होगा क्योंकि इस बिजनेस में कम इन्वेस्टमेंट में अधिक प्रॉफिट प्राप्त कर सकते हैं.

इस बिजनेस को छोटे तथा बड़े दोनों पैमाने में स्टार्ट किया जा सकता है, इस व्यवसाय के अंतर्गत आने वाले कार्य बहुत ही आसानी पूर्वक किया जाता है अर्थात दूसरे शब्दों में कहा जाए तो इस बिजनेस के लिए अगरबत्ती बनाने वाली मशीन बहुत ही अहम भूमिका निभाती है.

क्योंकि एक समय में हाथों द्वारा बनाई गई अगरबत्ती की अपेक्षा मशीनों द्वारा बनाई गई अगरबत्ती की संख्या अधिक होती है और इसमें मेहनत भी कम लगती है क्योंकि अगरबत्ती डायरेक्ट मशीनों के द्वारा बनकर निकलती है.

कुछ लोग ऐसे होते हैं जो अगरबत्ती का छोटा बिजनेस अपने घरों से स्टार्ट करते हैं जिसमें वह अपने हाथों के द्वारा इसे बनाने का काम करते हैं और इन्वेस्ट करने से मुकरते है. 

लेकिन यदि कुछ पैसा इन्वेस्ट करके अगरबत्ती की मशीन ले ली जाए तो हाथों की अपेक्षा मशीन के द्वारा बनाई गई अगरबत्ती से आपको ज्यादा मुनाफा होगा. मशीनों के द्वारा 1 मिनट में अत्यधिक अगरबत्ती का निर्माण किया जाता है जो हाथों के द्वारा बनाना नामुमकिन है.

इसलिए यदि आप अगरबत्ती का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो कुछ पैसा इन्वेस्ट करके आप सबसे पहले अगरबत्ती की मशीन की खरीदारी करें और फिर अपने बिजनेस को स्टार्ट करें.

1. अगरबत्ती बनाने वाली मशीन का चुनाव:-

यह बिजनेस एक ऐसा बिजनेस है जिसमें मशीन बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है क्योंकि इस बिजनेस का फायदा इसके मशीन के अनुसार होता है , मशीन के द्वारा मिनटों में अधिक संख्या में अगरबत्ती तैयार की जा सकती है, अगरबत्ती बनाने वाली मशीन अलग अलग गुणों की होती है जिसकी कार्य क्षमता भी विभिन्न होती है. यदि आप इस बिजनेस को स्टार्ट करना चाहते हैं तो अगरबत्ती के मशीन का चुनाव आपके लिए इस बिजनेस का पहला कदम होगा.

अगरबत्ती की मशीन विभिन्न प्रकार की होती है जो निम्नलिखित हैं:-

2. स्वचालित मशीन या ऑटोमेटिक मशीन:-

वे व्यापारी इस मशीन की खरीदारी करते हैं  जो अगरबत्ती का बहुत ही बड़े पैमाने में बिजनेस करते हैं क्योंकि इस मशीन के द्वारा 1 मिनट में 150 से 180 अगरबत्तीयो का निर्माण किया जाता है.

ऑटोमेटिक मशीन अन्य मशीनों की अपेक्षा अधिक मात्रा में अगरबत्ती का निर्माण करता है इसलिए इस मशीन को बड़े कंपनियों के व्यापारी इसकी खरीदारी करते हैं और यह मार्केट में आसानी पूर्वक उपलब्ध रहता है. 

इस मशीन की डिजाइन आकार स्ट्रक्चर बहुत ही कमाल की होती है जिसमें अगरबत्तीओं के लिए स्टिक किसी भी साइज का बना सकते हैं जैसे गोल, लंबी एवं चकोर इत्यादि.

यदि आप भी अपने अगरबत्ती का बिजनेस बड़े पैमाने में करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको ऑटोमेटिक मशीन खरीदने की आवश्यकता होगी और यह मशीन आपके कार्य के लिए बहुत ही उत्तरदाई साबित होगा.

  • मैनुअल मशीन:-

मैनुअल मशीन एक अच्छी गुणवत्ता और लंबे समय तक टिकाऊ होती है लेकिन इस मशीन का रेट ऑटोमेटिक मशीन से कम होती है जिसे व्यापारी अपने इनकम के अनुसार आसानी से खरीद पाने में सक्षम होते हैं. 

मैनुअल मशीन मार्केट में सिंगल और डबल दोनों पेंडल में मिलती है जिसे उपयोगकर्ता अपने अनुसार मैनुअल मशीन की खरीदारी करते हैं जिसमें कुछ सिंगल पैडल वाले मैनुअल मशीन को खरीदते हैं तो कुछ डबल पेंडल वाले मशीन की खरीदारी करते हैं.

  • हाई स्पीड मशीन:-

यह मशीन अन्य अगरबत्ती बनाने वाली मशीनों की अपेक्षा अधिक मात्रा में अगरबत्तीयों का निर्माण करती है, इसकी कार्यविधि बहुत ही गतिशील होती है.

इस मशीन के द्वारा हम कम समय में अधिक अगरबत्ती का उत्पादन आसानी से कर सकते हैं जिसमें ज्यादा मजदूरों की आवश्यकता नहीं होती इसलिए इस मशीन को खरीदने से मजदूरों का खर्च की बचत होती है और वहीं दूसरी ओर अन्य मशीनों की अपेक्षा ज्यादा अगरबत्ती का उत्पादन करके अधिक प्रॉफिट मिलता है.

इस मशीन को बड़े-बड़े अगरबत्ती बनाने वाली कंपनियां इसकी खरीदारी अधिक संख्या में करते हैं क्योंकि कंपनी के पास अगरबत्ती बनाने क्षेत्र अधिक होता है जहां पर कई सारे अगरबत्ती बनाने वाली मशीन रखकर एक बार में उन सभी मशीनों के द्वारा अधिक मात्रा में अगरबत्ती का उत्पादन कर सकते हैं.

इससे समय की बचत के साथ-साथ कर्मचारियों का खर्चा भी बचता है जिससे कंपनी को प्रॉफिट मिलती है.

यदि आप भी अगरबत्ती का बिजनेस बड़े पैमाने में करना चाहते हैं तो इसके लिए आप हाई स्पीड मशीन को खरीदें जिसके द्वारा 1 मिनट में 300 से 540 अगरबत्तीया तैयार की जाती है.

यदि आप अपने कंपनी के अंदर एक नहीं बल्कि अनेक मशीन रखते हैं तो अनुमान लगा सकते हैं कि कम समय में आप कितने अधिक मात्रा में अगरबत्ती का निर्माण कर सकते हैं इस तरह आपको इस बिजनेस में अत्यधिक फायदे होंगे.

इन तीन मशीनों के द्वारा अगरबत्ती को तैयार किया जाता है लेकिन अगरबत्ती को सुखाने और पाउडर को मिक्स करने के लिए भी मशीन की आवश्यकता होती है.

3. कच्चे माल:-

यदि आप अगरबत्ती का बिजनेस करना चाह रहे हैं तो इसके लिए आपको कच्चे माल की जानकारी रखना बहुत ही आवश्यक है, अगरबत्ती बनाने के लिए विभिन्न प्रकार के कच्चे माल की आवश्यकता होती है:

  •  जिगात पाउडर
  • चंदन पाउडर
  • चारकोल डस्ट
  • सफेद चिप्स पाउडर
  • परफ्यूम अर्थात प्राकृतिक सुगंधित तेल
  • बांस स्टिक
  • डीएपी
  • पेपर बॉक्स
  • रैपिंग पेपर
  • कुप्पम डस्क

इन सभी कच्चे पदार्थों का उपयोग अगरबत्ती बनाने के लिए किया जाता है, ऊपर बताए गए विभिन्न प्रकार के पाउडर से अगरबत्ती का पेस्ट तैयार किया जाता है तथा बांस के स्टिक के ऊपरी सतह पर उस पेस्ट का परत चढ़ाया जाता है. 

परफ्यूम का इस्तेमाल बनाए गए अगरबत्ती को सुगंधित बनाने के लिए किया जाता है. इस प्रकार ऊपर बताए गए सभी कच्चे मालों का अगरबत्ती बनाने में अलग-अलग योगदान होता है.

4. प्रोडक्शन के लिए जगह का चुनाव और मशीन की इंस्टॉलेशन:-

 अगरबत्ती का व्यवसाय के लिए क्षेत्र का चुनाव जरूरी है लेकिन यदि आप छोटे पैमाने में अगरबत्ती का बिजनेस करना चाह रहे हैं तो आप इसे अपने घर से भी आसानी पूर्वक कर सकते हैं.

जिसमें इसके लिए स्पेशली कोई जगह की आवश्यकता नहीं होगी आप अपने घर के छोटे से हिस्से में मशीन लगाकर अगरबत्ती का बिजनेस शुरू कर सकते हैं. 

वहीं दूसरी ओर यदि आप इस बिजनेस को बड़े पैमाने में करना चाहते हैं अर्थात इसकी कंपनी खोलना चाहते हैं तो इसके लिए आपको अपनी बिजनेस बढ़ाने के लिए लगभग 1000 स्क्वायर फीट की जमीन खरीदनी होगी.

5. स्टाफ का चुनाव और उसकी ट्रेनिंग:-

जिस व्यापारी के द्वारा अगरबत्ती का बिजनेस बड़े पैमाने में किया जाता है वह बहुत सारे कामगारों को अपने कंपनी के अंतर्गत अगरबत्ती से संबंधित कार्यों को करने के लिए रखते हैं. 

इन स्टाफो के द्वारा अगरबत्ती को बनाने की प्रक्रिया में अलग-अलग कार्य किए जाते हैं जैसे कुछ लोग पेस्ट को मिक्सचर में डालते हैं तो कुछ लोग उनकी बांस स्टिक को मशीन के द्वारा तैयार करते हैं इस तरह की अलग-अलग कार्यों के लिए स्टाफ रखे जाते हैं.

यदि आप भी अगरबत्ती का बड़ा बिजनेस करना चाह रहे हैं तो इसके लिए आपको स्टाफ का सिलेक्शन करना होगा जिसमें आपको योग्य कामगारों को अपने कार्य के लिए रखना होगा और उसे प्रतिमा इनकम भी देना होगा.

बहुत से लोग अगरबत्ती की बनाने की सारी प्रक्रियाओं को सीखने के लिए ट्रेनिंग लेते हैं दूसरे शब्दों में कहा जाए तो इन्हें अगरबत्ती बनाने के लिए हर एक कार्य सिखाई जाती है और इनकी ट्रेनिंग पूरी होने के बाद इन्हें अगरबत्ती बनाने वाली कंपनियों में भेजा जाता है जिसमें वे दिए गए कार्य को अच्छे से कर पाते हैं.

6. अगरबत्ती मिक्सचर मशीन:-

अगरबत्ती के विभिन्न पाउडर को आपस में मिक्स करने के लिए एक मशीन आती है जिसे उपयोगकर्ता के द्वारा खरीदा जाता है जिसकी लागत लगभग ₹32000 होती है. 

इस मशीन के द्वारा अगरबत्ती बनाने के लिए जितने भी अलग-अलग प्रकार के पाउडर्स आते हैं उनको मिक्स किया जाता है .

7. मिक्सचर और बंबू स्टिक मशीन में लोड करे:-

मिक्सचर मशीन के द्वारा मिक्स किए गए पाउडर एक पेस्ट के जैसा होता है जिसे मशीन के द्वारा बांस की स्टिक के ऊपर पतले परत चढ़ाई जाती है.

मशीन में पेस्ट और बांस की स्टिक लोड करने से मशीन के द्वारा पेस्ट और स्टिक अगरबत्ती के रूप में तैयार होकर बाहर निकलते हैं जो अगरबत्ती के जैसा प्रतीत होता है जिसमें पेस्ट का परत स्टिक के ऊपर सुव्यवस्थित ढंग से चिपका हुआ रहता है और इस समय निर्मित अगरबत्ती गिली अवस्था में होती है.

8. तैयार कच्चे अगरबत्ती को इकट्ठा करें:-

जब मशीनों के द्वारा अगरबत्तियां  बन कर बाहर आती है तो उन सभी अगरबत्तीयों को एक जगह कलेक्ट करें.

निर्मित अगरबत्ती इस समय गिली स्थिति में रहती है इसलिए इसे इकट्ठा करते समय थोड़ी सावधानी बरतनी होगी ताकि आपस में अगरबत्ती हैं चिपकना जाए.

9. अगरबत्ती को बनाते  समय सावधानी बरतें:-

जिस समय अगर बत्तियां बनाई जाती है तो उसी सुखाने के लिए उसे धूप में नहीं रखनी चाहिए, बल्कि बिना धूप वाले स्थान में इन्हें सुखाना चाहिए.

अगरबत्ती को इकट्ठा करते समय यह  ध्यान में रखनी चाहिए कि वह आपस में कहीं चिपकना जाए इसलिए उन्हें सुव्यवस्थित ढंग से अलग अलग करके रखें.

10. अगरबत्ती को सुखाने वाली ड्रायर मशीन:-

जब अगरबत्ती ओ का निर्माण होता है तो उस समय अगरबत्ती गिली अवस्था में होती है जिसे सुखाने के लिए ड्रायर मशीन की आवश्यकता होती है ड्रायर मशीन के द्वारा अगरबत्ती  को आसानी पूर्वक सुखाया जा सकता है. 

इस मशीन की लागत लगभग ₹25000 होती है जिसे उपयोगकर्ता अपने अनुसार मार्केट से खरीदते हैं. इस मशीन की खास बात यह है कि इसके अंतर्गत  8 मिनट में 160 किलो ग्राम अगरबत्ती सुखाई जा सकती है.

अगरबत्ती की बनाने की विधि में इस मशीन का उपयोग अगरबत्ती को सुखाने के लिए किया जाता है जिससे समय बचता है और कम समय में अधिक से अधिक अगरबत्तीओं का सूखना इस मशीन के द्वारा  संभव हो पाता है.

11. अगरबत्ती के सुगंध का चुनाव:-

जब बनाई गई अगरबत्ती ड्रायार मशीन के द्वारा सुखाई जाती है इसके पश्चात अगरबत्तीयों को सुगंधित बनाने के लिए सुखाई गई अगरबत्तीयों को इत्र में डुबाया जाता है और फिर इन्हें ड्रायार मशीन की सहायता से सुखाया जाता है तभी अगरबत्ती सुगंधित बनती है जिसका उपयोग घरों को सुगंधित करने के लिए किया जाता है.

12. पैकिंग और सप्लाई:-

जब अगरबत्तीयों का निर्माण हो जाता है तब उन्हें पैक किया जाता है इस पैकिंग की प्रक्रिया में अगरबत्तीयों को अलग-अलग कलर के पैकिंग प्लास्टिक में पैक किया जाता है. 

आज की जनरेशन में सभी लोग सामानों की खरीदारी उसकी पैकिंग का स्टाइल देख कर करते हैं जिस भी सामान की पैकिंग स्टाइल आकर्षक रहती है लोग उन्हें अधिकतर खरीदना पसंद करते हैं.

इसलिए यदि आप अपने बनाई गई अगरबत्ती को ज्यादा सेल करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको इसकी पैकिंग की प्रक्रिया में थोड़ा ध्यान देना होगा और जहां तक संभव हो अगरबत्ती की पैकिंग इस प्रकार करें जिससे वह दिखने में आकर्षित प्रतीत हो.

जब अगरबत्ती पैक हो जाती है तब इसे सेल किया जाता है, आप अपने द्वारा बनाई गई अगरबत्तीयो  का सेल स्टोरों में कर सकते हैं. क्योंकि जितने भी अगरबत्ती की दुकान होते हैं वह अगरबत्ती को स्टोर से ही  खरीदते हैं और इसकी खरीदारी हर दिन अधिक मात्रा में होती है क्योंकि अगरबत्ती का प्रयोग प्रत्येक दिन हर एक धार्मिक स्थल के साथ-साथ घरों में भी किया जाता है.

अगरबत्ती बनाने की प्रक्रिया :-

अगरबत्ती को हाथ से बनाने की प्रक्रिया:-

अगरबत्ती को हाथों से भी बनाया जा सकता है जिसमें अगरबत्ती के लिए उपयुक्त कच्चे माल जैसे विभिन्न प्रकार के पाउडर को हाथों से भी मिक्स किया जा सकता है.

बांस की स्टिक में तैयार किए गए पेस्ट की परत हाथों से भी चढ़ाई जा सकती है और फिर उन्हें मशीनों के बजाए छांव में सुखाया जा सकता है इस प्रकार अगरबत्तीओ को हाथ द्वारा भी बनाना संभव है.

अगरबत्ती को मशीन से बनाने की प्रक्रिया:-

अगरबत्ती को मशीनों के माध्यम से भी आसानी पूर्वक बनाया जाता है , जिसमें अगरबत्ती बनाने की सारी प्रक्रिया के लिए अलग-अलग मशीन होती है, विभिन्न प्रकार के पाउडर का मिक्सर बनाने के लिए मिक्सर मशीन आती है.

अगरबत्ती को बनाने के लिए बांस की स्टिक को तैयार करने की भी अलग से मशीन आती है जिसमें बस की स्टिक तैयार की जाती है और फिर इन दोनों को एक अलग मशीन में डाला जाता है जिससे अगरबत्ती के रूप में मशीन के द्वारा बन कर बाहर निकलता है.

हाथों की अपेक्षा मशीन के द्वारा कम समय में अधिक मात्रा में अगरबत्ती का निर्माण किया जाता है इसलिए अधिकतर लोग मशीनों का उपयोग करके अगरबत्ती का निर्माण करते हैं.

अगरबत्ती के प्रकार

अगरबत्ती मुख्यतः दो प्रकार की आती है जो अलग-अलग स्ट्रक्चर की होती है कोई अगरबत्ती लंबी होती है कोई चकोर होती है तो कोई गोल अगरबत्ती होती है. 

इसमें से कुछ अगरबत्तीयों का निर्माण सिर्फ मसाले से किया जाता है इसलिए इसे मसालों की अगरबत्ती कहते हैं और दूसरा सुगंधित अगरबत्ती, सुगंधित अगरबत्ती को मसाले के द्वारा बनाया जाता है और फिर इत्र में डुबोकर उसे सुगंधित किया जाता है.

अगरबत्ती बनाने के लिए बिजनेस में संभावना (क्या यह लाभदायक है)

यदि आप अगरबत्ती की बिजनेस स्टार्ट करना चाह रहे हैं और आपके मन में यह विचार उत्पन्न हो रही है कि  क्या यह बिजनेस  लाभदायक होगा या नहीं तो आपको में बता दूं कि बिजनेस चाहे कोई भी हो मेहनत तो सभी बिजनेस में लगती है इसलिए आप अगरबत्ती की बिजनेस शुरू करें क्योंकि यह एक ऐसी बिजनेस है जिसमें आप कम पूंजी में अधिक प्रॉफिट कमा सकते हैं.

दूसरा बात यह है कि अगरबत्ती का प्रयोग केवल हमारे देश के लोग ही नहीं करते बल्कि विदेशी लोग भी इस अगरबत्ती का उपयोग अधिक मात्रा में करते हैं और जिसका निर्माण सिर्फ हमारे देश में किया जाता है

भारत सरकार अगरबत्ती को बड़े पैमाने में खरीदते हैं और इसे दूसरे देश में निर्यात करते हैं इसलिए यदि आप अगरबत्ती का बिजनेस कर रहे हैं तो आपके द्वारा बनाई गई अगरबत्तियां अत्यधिक मात्रा में बिक्री होगी जिससे आपको काफी प्रॉफिट होगा इसलिए अगरबत्ती का बिजनेस आपके लिए लाभदायक साबित होगा.

अगरबत्ती बिजनेस के रजिस्ट्रेशन:-

हर एक बिजनेस को सुचारू ढंग से चलाने के लिए लाइसेंस रखना बहुत ही आवश्यक है क्योंकि बिना लाइसेंस के बिजनेस चलाना अपराध माना जाता है.

इसी प्रकार यदि आप अगरबत्ती का बिजनेस कर रहे हो तो आपको अपने बिजनेस का लाइसेंस लेना होगा, इस बिजनेस को लीगल तरीके से चलाने के लिए आपको लाइसेंस की आवश्यकता होगी जो निम्नलिखित हैं:-

कंपनी रजिस्ट्रेशन:-

यदि आप अगरबत्ती का  बिजनेस शुरू करने जा रहे हैं तो शुरू करने के लिए सबसे पहले आपको बिजनेस का किसी कंपनी से रजिस्ट्रेशन करवाना होगा.

जीएसटी रजिस्ट्रेशन:-

बिजनेस करने वाले व्यापारियों को जीएसटी रजिस्ट्रेशन करवाना बहुत ही जरूरी है क्योंकि जीएसटी रजिस्ट्रेशन के दौरान एक जीएसटी नंबर मिलता है जिसके माध्यम से आप अपने वस्तुओं और सेवाओं का निर्यात कर सकते हैं.

इपीएफ रजिस्ट्रेशन:-

वही व्यापारी ईपीएफ रजिस्ट्रेशन करवाती है जिसके अंतर्गत 20 से अधिक कर्मचारी कार्य करते हैं.

ईएसआई रजिस्ट्रेशन:-

यह रजिस्ट्रेशन करवाना तभी अनिवार्य है जब आपके बिजनेस में 10 से अधिक कर्मचारी कार्य करते हैं.

व्यापार लाइसेंस:-

व्यापार चाहे किसी भी प्रोडक्ट का हो हर एक व्यापारिक को व्यापार लाइसेंस बनाना अनिवार्य हैं, यदि आप अगरबत्ती का व्यापार करना चाह रहे हैं तो इसके लिए आपको व्यापार लाइसेंस बनानी होगी इस लाइसेंस को बनाने के लिए जमीन के कागजात लगते हैं तभी आपका व्यापार लाइसेंस बनेगा.

फैक्ट्री लाइसेंस:-

बड़ी कंपनियां  जिसमें प्रोडक्ट्स बहुत ही अधिक मात्रा में निर्माण किए जाते हैं उन कंपनियों के पास फैक्ट्री लाइसेंस होना अनिवार्य है.

इस प्रकार ऊपर के तथ्यों को पढ़ने के बाद आपको क्लियर हो गया होगा कि कौन-कौन से लाइसेंस बिजनेस के लिए आवश्यक होते हैं.

अगरबत्ती बिजनेस शुरू करने के लिए सरकारी सहायक लोन:-

बहुत से ऐसे लोग होते हैं जो अपने बिजनेस करने के लिए पूंजी तैयार रखते हैं लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें बिजनेस तो करनी होती है लेकिन उनके पास इन्वेस्ट करने के लिए पैसे उपलब्ध नहीं होते हैं. 

यदि आप भी अगरबत्ती का बिजनेस करना चाह रहे हैं और आपके पास इन्वेस्ट करने के लिए पैसे नहीं है तो आप इसके लिए सरकारी लोन अप्लाई कर सकते हैं, सरकारी लोन के द्वारा आपको पर्याप्त पैसे मिलेंगे जिससे आप अपने बिजनेस स्टार्ट कर सकते हैं.

निष्कर्ष

अगरबत्ती का व्यापार एक ऐसा व्यापार है जिसमें कम इन्वेस्टमेंट में अधिक प्रॉफिट मिलती है. आज आपने हमारे इस आर्टिकल के माध्यम से जाना की अगरबत्ती की बिजनेस कैसे शुरू करें?

उम्मीद है आपको इस आर्टिकल के माध्यम से अगरबत्ती बिजनेस शुरू करने की सारी जानकारी मिली होगी.

Wasim Akram

वसीम अकरम WTechni के मुख्य लेखक और संस्थापक हैं. इन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है लेकिन इन्हें ब्लॉगिंग और कैरियर एवं जॉब से जुड़े लेख लिखना काफी पसंद है.

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